इस आंदोलन के प्रणेता श्री सुंदरलाल बहुगुणा व चंडी प्रसाद भट्ट हैं आंदोलन की शुरुआत सन 1973 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश और वर्तमान उत्तराखंड के चमोली जिला के गोपेश्वर नामक स्थान से हुई थी जिसमें आंदोलन करता पेड़ों से चिपक कर उन्हें कटने से बचाते हैं बाद में इस आंदोलन का कार्यक्षेत्र और व्यापक हो गया और इसके सूत्र धारों ने समग्र रूप में पर्यावरण की रक्षा का बीड़ा उठाया श्री सुंदरलाल बहुगुणा टिहरी बांध आंदोलन के भी जनक हैं