कंद एक भूमिगत भोजन का संचय करने वाला अंग है।
इसका निर्माण प्रायः तने से होता है ।
यह भोज्य पदार्थों का संचय करने के कारण फूल कर मोटा हो जाता है तथा चिरकालिक अंग के रूप में कार्य करता है। कंद केवल 1 वर्ष तक ही जीवित रह पाते हैं तथा अपने अवयवों का वृद्धि काल के दौरान उपयोग कर लेते हैं ।पतले प्रकंधों की शीर्ष उत्पन्न होने वाले प्ररोह संरचनाओं को प्ररोह कंद कहते हैं।
उदाहरण -आलू