सन 1925 में रासायनिक और जैविक हथियारों का निषेध करने के लिए जनेवा प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए परंतु इस प्रोटोकॉल की अनदेखी करते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के चीन में प्लेग के जीवाणुओं द्वारा प्रदूषण फैला दी थी तरह के विनाशकारी प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए 10 अप्रैल 1972 को जो हथियार सभा के प्रस्तावों पर समझौता हुआ 1975 से प्रभावी हो गई परंतु जैव प्रयोगशालाओं के निरीक्षण व्यवस्था ना होने के कारण यह समझौता अप्रभावी है