- सलेक्ट समिति - जिससे कंपनी पर सरकारी नियम नजर रखने के लिए संचालक समिति तथा प्रशासनिक व्यवस्था में परिवर्तन का सुझाव दिया।
- सेलेक्ट समिति की सिफारिशों के आधार पर ही रेगुलेटिंग एक्ट 1773 पारित हुआ है।
एक्ट पारित होने की उत्तरदाई परिस्थितियां-
- कंपनी का बदला स्वरूप (दीवानी अधिकार भी हासिल)।
- बंगाल शासन उत्पन्न दोष।
- कोलकाता मुंबई तथा मद्रास प्रेसीडेंसी में तालमेल का अभाव ।
- कंपनी द्वारा ब्रिटिश सरकार के को भेजना देना ।
हट के कर्मचारियों का समय है समृद्ध होकर लंदन वापस लौटना।
- रेगुलेटिंग एक्ट का उद्देश्य- हट पर ब्रिटिश पार्लिमेंट का स्थापित करना।
- संचालन समिति की संरचना में बदलाव करना ।
- कंपनी के राजनीतिक अस्तित्व को दिखाते हुए उसके व्यापारी ढांचे को राजनीतिक कार्यों के संचालन के लिए उपयुक्त बनाना।
- एक्ट के प्रावधान - कंपनी के लिए गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल के पद का सृजन जिसे भारत के संपूर्ण ब्रिटिश साम्राज्य का गवर्नर बना दिया गया।
- इस प्रकार वारेन हेसितन्ग्स को प्रथम गवर्नर जनरल बनाया गया ।
- गवर्नर जनरल की सहायता हेतु चार सदस्य परिषद का गठन किया गया जिसमें शामिल सदस्यों में वरवेल, फ्लेवरिंग ,फ्रांसीसी तथा मैन्सन शामिल है।