. किसी द्रव्य का वाष्प दाब उसकी सतह पर लगे बाहृय दाब के बराबर होने पर द्रव्य उबलता है ।अतः किसी द्रव्य का क्वथनांक वह ताप है जिस पर द्रव्य का वाष्प दाब द्रव्य की सतह पर लगे वाहृय दाब के बराबर होता है। क्वथनांक साधारणतः 1वायुमंडलीय दाब(760mm,Hg) पर निर्धारित किए जाते हैं। किसी द्रव्य का वायुमंडलीय दाब पर निर्धारित क्वथनांक उसका सामान्य क्वथनांक कहलाता है। दाब कम करने से क्वथनांक का मान कम हो जाता है।
स्थिर दाब पर एक शुद्ध द्रव्य का क्वथनांक निश्चित और तीझ्ण होता है। शुद्ध द्रव्य को उबालने पर उसका ताप संपूर्ण द्रव्य के वाष्पित हो जाने तक स्थिर रहता है। अशुद्धियों की उपस्थिति शुद्ध द्रव्य के क्वथनांक को प्रभावित करता है। वास मशीन अशुद्धियों युक्त द्रव्य का क्वथनांक स्थिर एवं तीझ्ण नहीं होता तथा द्रव्य को उबालने पर उस का क्वथनांक धीरे धीरे बढ़ता जाता है। द्रव्यों के क्वथनांक उनकी पहचान करने तथा शुद्धता परखने में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं