🔶पंचशील के सिद्धांत🔶

✍स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू युद्ध के स्थान पर शांति को महत्व देते थे।

✍वह सभी राष्ट्रों की स्वतंत्रता एवं समानता के समर्थक थे इसलिए किसी भी राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के भी विरुद्ध थे|


✍उन्होंने इन्हीं विचारों से 1994 में  पांच सिद्धांत बनाए गए जिन्हें पंचशील के नाम से जाना जाता है|


✍यह हमारी विदेश नीति के आधार हैं यह सिद्धांत अग्र प्रकार है|

 1🔹दूसरे राज्य की सीमा एवं उनकी प्रभुसत्ता का सम्मान किया जाए|

2🔹 एक दूसरे के भूभाग पर आक्रमण न किया जाए|


3🔹शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की भावना का पालन किया जाए|


4🔹 समानता और पारस्परिक भाव को ध्यान में रखा जाए|


5🔹एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना किया जाए|


✍जहां हम एक दूसरे देश की एकता एवं  प्रभुसत्ता का सम्मान करते हैं |

✍वही अपने देश की रक्षा को भी विशेष महत्व देता है|

 ✍भारत की विदेश नीति का यह भी सिद्धांत है|


✍ अंतरराष्ट्रीय विवादों का हल शांतिपूर्ण ढंग से हो हमारा संविधान भी अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए निर्देश करता है |


✍इसके अतिरिक्त भारत में सदा ही स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले राष्ट्रों का समर्थन किया है|


✍जैसे ➡मलाया अल्जीरिया अंगोला दक्षिण अफ्रीका इंडोनेशिया एवं बांग्लादेश|
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