सत्य और अहिंसा के पुजारी एवं देश में आजादी की अलख जगाने वाले महात्मा गांधी ऐसे दूरदर्शी महापुरुष थे जो पहले ही यह भांप लेते थे कि कौन-कौन सी समस्याएं आगे चलकर विकराल रूप धारण करने वाली हैं। इसकी बानगी आपके सामने है।
महात्मागांधी ने जिन समस्याओं का सटीक समाधान खोजने पर अपना ध्यान केंद्रित किया था वे आज के हमारे युग में भारी बोझ बन गई हैं। विश्व स्तर पर फैली गरीबी, अमीर एवं गरीब के बीच बढ़ती खाई, आतंकवाद, जातीय युद्ध, उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, पूर्व और पश्चिम के बीच बढ़ता फासला, उत्तर और दक्षिण के बीच बढ़ती विषमता, धार्मिक असहिष्णुता तथा हिंसा जैसी समस्याओं पर अपनी नजरें दौड़ाने पर आप भी इस तथ्य से सहमत हुए बिना नहीं रहेंगे।
यही नहीं, महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता एवं समानता, मित्रता एवं गरिमा, व्यक्तिगत कल्याण और सामाजिक प्रगति जैसे जिन महान आदर्शों के लिए संघर्ष किया था, उनके लिए हम आज भी लड़ रहे हैं।
महात्मा गांधी ने दुनिया के इतिहास में पहली बार जंग लड़े बिना ही एक विशाल साम्राज्य के चंगुल से छुड़ाकर एक महान देश को आजादी दिला दी। उस समय तक अमेरिका और एशिया के जितने भी उपनिवेशों ने यूरोप की औपनिवेशिक ताकतों से अपनी आजादी हासिल की थी उसके लिए उन्हें भयावह एवं विनाशकारी जंग लड़नी पड़ी थी।
वहीं दूसरी ओर महात्मा गांधी ने शांतिपूर्ण तरीके से यानी अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को बहुप्रतीक्षित आजादी दिला दी। यह इतिहास में ‘मील का पत्थर’ था। दूसरे शब्दों में, यह एक युगांतकारी घटना थी। यह निश्चित रूप से मानव जाति के इतिहास में महात्मा गांधी का अविस्मरणीय योगदान है - युद्ध के बिना आजादी।
Source - pib