हाथी के दांत के श्वेत पदार्थ जैसे भाग को आइवरी कहते हैं एक भाग से विभिन्न प्रकार के सुंदर सामान व खिलौने बनते हैं जिसकी लालच में शिकारी लोग अवैधानिक रूप से हाथियों का शिकार करते आ रहे हैं फलता हाथियों की संख्या में भारी गिरावट आ जाने पर केंद्र सरकार ने 7 दिसंबर 1992 को झारखंड के सिंहभूम जिले में इस योजना का शुभारंभ किया वर्तमान में देश में हाथी रिजर्व की संख्या 29 है इस परियोजना के अन्य स्थानों पर विस्तार उपरांत आज हाथियों की संख्या में संतोषजनक सुधार हुआ है