पीएसएलवी सन सिंक्रोनस पोलेराइड जिओ सिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट और कम झुकाव वाले लो अर्थ ऑर्बिटर मिशन हेतु एक बहुमुखी लांच वाहन के रूप में उभरा है 12, अप्रैल 2018 को पीएसएलवी-सी 41 के हालिया सफल प्रक्षेपण के साथ पीएसएलवी ने तीन विकासात्मक और 43 आपरेशनल उड़ाने पूरी की है, साथी पिछले 41 उड़ानें सफल रही हैं। पीएसएलवी ने स्वयं को राष्ट्रीय उपग्रहों के लिए एक उपयोगी एवं लाभदायक वाहन के रूप में स्थापित किया है जो कि व्यावसायिक स्तर पर भी उपग्रह को प्रक्षेपित कर रहा है।
पीएसएलवी के संचालन से पृथ्वी के अवलोकन आपदा प्रबंधन नेविगेशन और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए उपग्रहों की लांचिंग क्षमता में देश को आत्मनिर्भर बना दिया है पीएसएलवी निरंतरता कार्यक्रम राष्ट्रीय आवश्यकताओं के लिए समान उपग्रहों के लांच करने में इस क्षमता और आत्मनिर्भरता को बनाए रखेगा। पी एस एल वी निरंतरता कार्यक्रम - चरण 6 भारतीय उद्योग के भागीदारी से प्रतिवर्ष अधिकतम 8 उपग्रह को प्रक्षेपित कर सकेगा इसमें कुल 6131 करोड रुपए के कोष की आवश्यकता है।
पी एस एल वी निरंतरता कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2008 में किया गया था और अभी तक चार चरणों को पूरा कर चुका है पांचवा चरण वर्ष 2019- 1920 के दौरान पूरा होने की उम्मीद है जबकि चरण 6 वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक उपग्रह मिशन को लांच कर पूरा करेगा।