नाना प्रकार के ऊतक (tissue) मिलकर शरीर के विभिन्न अंग तंत्र (organ system) का निर्माण करते हैं। कई अंग तंत्र मिलकर जीव (जैसे, मानव शरीर) की रचना करते हैं।

तंत्र का एक उदाहरण - तंत्रिका तंत्र ; इस चित्र में दिखाया गया है कि यह तंत्र मूलत: चार अंगों से मिलकर बना है : मस्तिष्क, प्रमस्तिष्क (cerebellum), मेरुदण्ड (spinal cord) तथा तंत्रिकाएं (nerve)
मानव शरीर के विभिन्न तंत्र


मानव शरीर का निर्माण निम्नलिखित तंत्रों द्वारा होता है :
(1) कंकाल तंत्र, (Skeletal system)
(2) संधि तंत्र,
(3) पेशीय तंत्र, (Muscular system)
(4) रुधिर परिसंचरण तंत्र, (Circulatory system)
(5) आशय तंत्र :
(क) श्वसन तंत्र, (Respiratory system)
(ख) पाचन तंत्र, (Digestive system)
(ग) मूत्र एवं जनन तंत्र, (Urinary system and Reproductive system)
(6) तंत्रिका तंत्र (Nervous system), तथा
(7) ज्ञानेन्द्रिय तंत्र।
हमारे शरीर के लिए सभी तंत्र महत्वपूर्ण है |
कंकाल तंत्र
मानव कंकाल (अस्थिपिंजर) के ज्ञान जैसे अस्थि की उत्पत्ति, वृद्धि, अस्थिप्रसु कोशिका, अस्थि भंजक कोशिका आदि, के संबंध में काफी उन्नति हुई है। अस्थियों द्वारा मानव एवं पशु की भिन्नता का ज्ञान होता है तथा लिंगएवं वय का निश्चय किया जा सकता है। अस्थियों एवं उपास्थि (कार्टिलेज) के द्वारा शरीर के ढाँचे का निर्माण होता है। अस्थियाँ आकार एवं कार्य के अनुसार चार प्रकार की होती हैं :
1.दीर्घ,
2.ह्रस्व,
3.सपाट, तथा
4.अऋजु
अस्थि के कार्य
अस्थि के निम्न कार्य होते हैं :
* को आकार प्रदान करता,
* को सहारा एवं दृढ़ता प्रदान करना,
* की रक्षा करना,
कार्य के लिए लीवर तथा संधियाँ प्रदान करना और
पेशियों को संलग्न तथा शरीर को गति प्रदान करना।
अस्थि कोशिकाओं से निर्मित ऊतक से अस्थियाँ बनती हैं। अस्थियों द्वारा रुधिरकणों का निर्माण भी होता है। हमारे शरीर में कुल मिलाकर 206 अस्थियाँ होती हैं, जो इस प्रकार हैं : खोपड़ी में 29 ( हालोइड अस्थि 1 + श्रोत अस्थिका 6 +चेहरे में 14 तथा कपाल में 8 ) अस्थियाँ, रीढ़ में 26 अस्थियाँ - 33 कशेरुक ( इनमें से क्रम 5 कशेरुक से मिलकर तथा कडल 4 कशेरुक से मिलकर बनता है। यदि इन्हें 1-1 माना जाए, तो कुल अस्थियाँ 26 ही होंगी), वक्ष तथा पर्शुकाओं, में 25 अस्थियाँ, (ऊर्ध्व शाखा) बाहु आदि में 64, अध: शाखा (जांघ आदि) में 62 अस्थियाँ। लंबी नलिकाकार अस्थियों में मज्जा होती है, जो रुधिर कण बनाती है। ऐक्सकिरण से देखने पर अस्थियाँ अपारदर्शक होती हैं।
( The next day)