अकबर का जन्म अमरकोट के किले में राणा बीरसाय के महल में 1542 ई० में हुआ। हुमायूं की मृत्यु के बाद 13 वर्ष की अवस्था में 14 फरवरी 1556 ई० को कलानौर में अकबर का राज्याभिषेक हुआ।
अकबर तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था। अकबर को अकबर-ए-आज़म शहंशाह अकबर भी कहा जाता है। अकबर ने साम्राज्य की एकता बनाए रखने के लिए ऐसी नीतियां अपनाई, जिनसे गैर मुसलमानों की राजभक्ति जीती जा सके। अकबर ने अपने शासनकाल में सभी धर्मों का सम्मान किया था, सभी जाति-वर्गों के लोगों को एक समान माना ।अकबर का जन्म पूर्णिमा के दिन हुआ था इसलिए उनका नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया था।
अकबर का शिक्षक अब्दुल लतीफ ईरानी विद्वान था। अकबर का राज्याभिषेक 14 फरवरी 1556 ई को पंजाब के कलनौर में हुआ था ।
बैरम खान 1556 से 1560 ई तक अकबर का संरक्षक रहा। पानीपत की दूसरी लड़ाई 1556 ई को अकबर और हेमू के बीच हुई।मुग़ल साम्राज्य में अकबर की दूधमाता माहम अनगा बैरम खान के विरुद्ध साजिश करती रहती थी। इसी वजह से बैरम को हज के लिए आदेश दिया गया, जहां 1561 ई. में उसकी हत्या कर दी कर दी गई।
हल्दीघाटी का युद्ध मुगल बादशाह अकबर और महाराणा प्रताप के बीच 18 जून, 1576 ई. को लड़ा गया था।अकबर और राणा के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था। ऐसा माना जाता है कि इस युद्ध में न तो अकबर जीत सका और न ही राणा जीत सके ।
गुजरात विजय के दौरान अकबर पुर्तगालियों से मिला और यहीं उसने पहली बार समुद्र देखा। उसने हिन्दू-मुस्लिम संप्रदायों के बीच की दूरियां कम करने के लिए दीन-ए-इलाही नामक धर्म की स्थापना की।
तानसेन का नाम अकबर के प्रमुख संगीतज्ञों की सूची में सर्वोपरि था। तानसेन दरबारी कलाकारों का मुखिया और समाट् के नवरत्नों में से एक था।