विश्वभर में 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2018 मनाया गया
- अवैध शिकार और वनों के नष्ट होने के कारण विभिन्न देशों में बाघों की संख्या में काफी कमी आई है, ऐसे में बाघ संरक्षण हेतु 29 जुलाई 2018 को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है।
- उद्देश्य : इस दिवस को मनाने का उद्देश्य जंगली बाघों के निवास के संरक्षण एवं विस्तार को बढ़ावा देने के साथ बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
यह भी जानें
- वर्तमान में बाघों की संख्या अपने न्यूनतम स्तर पर है। पिछले 100 वर्षों में बाघों की आबादी का लगभग 97 फीसदी खत्म हो चुकी है।
- 'वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड' और 'ग्लोबल टाइगर फोरम' के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 6000 बाघ ही बचे हैं, जिनमें से 3891 बाघ भारत में हैं। वर्ष 1915 में बाघों की संख्या एक लाख थी।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के बारे में
- अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाने का फैसला वर्ष 2010 में सेंट पिट्सबर्ग बाघ समिट में लिया गया था, क्योंकि तब जंगली बाघ विलुप्त होने के कगार पर थे।
- इस सम्मेलन में बाघ की आबादी वाले 13 देशों ने वादा किया था कि वर्ष 2022 तक वे बाघों की आबादी दोगुनी कर देंगे।