जहांगीर का पुर्तगालियों के साथ मधुर संबंध था ।उसने पुर्तगालियों को आगरा और लाहौर में कैथोलिक चर्च की अनुमति दिया था। पुर्तगालियों का समुद्री व्यापार पर एकाधिकार था 1613 ईसवी में सूरत के निकट शाही जहाजों को पुर्तगालियों के द्वारा लूट लिया गया था। जिसके कारण जहांगीर नाराज हुआ और आगरा लाहौर के गिरजाघरों को बंद करवा दिया था ।पुर्तगालियों ने क्षमा मांग तथा पुणे व्यापारिक सुविधाएं प्रदान हुई थी।
कैप्टन हॉकिंस ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना के बाद 1608 की सूची में जेम्स प्रथम का पत्र लेकर कैप्टन हाकिंस मुगल काल में आगरा पहुंचा हेक्टर नामक जहाज से कैप्टन हाकिंस लंदन से भारत आया था। कैप्टन हाकिंस तुर्की और फारसी भाषा का भी ज्ञाता था। यह दरबार में पहुंचकर तुर्की में बात किया जहांगीर कैप्टन हाकिंस से काफी प्रभावित हुआ और उसे फिरंगी का इंग्लिश का की उपाधि से नवाजा ।और उसे 400 का मनसब भी प्रदान किया। कैप्टन हाकिंस 3 वर्षों तक मुगल दरबार में रहा। तथा ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए व्यापारिक फरमान प्राप्त किया। इसी से ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में पहला व्यापारिक कोठी खोलने में मदद मिली। और अंग्रेजो ने चश्मा इलेक्ट्रॉनिक घड़ी और बग्ग्घी जहांगीर को दिया था।
विलियम फिंच भी हाकिंस के साथ भारत आया तथा सूरत में व्यापार के सिलसिले में रुक गया। जिसने भारत के 3 व्यापारिक मार्गो का भ्रमण किया था।
निकोलस विथिंगटन एक बार ईस्टर के रूप में भारत आया। बाद में यह सूरत में ईस्ट इंडिया कंपनी में नौकरी कर लिया इसने 1614 इसमें में नील का व्यापार रिपोर्ट लाने के लिए जान मिडिल हाल को आगरा भेजा इसने अपने विवरण में भारत के कुछ प्रमुख शहरों तथा यहां के रीति रिवाजों को उल्लेख किया है इसके अनुसार गुजरात का अहमदाबाद शहर लंदन के समान था ।इसने अजमेर को अद्भुत शहर बताया है। विघटन समाज में प्रचलित सती प्रथा का उल्लेख भी किया है।