स्वच्छ भारत अभियान पर टिप्पणी -----

प्रस्तावना 
देश की विडम्बना देखिये कि देश को स्वच्छ बनाने के लिए हमारी सरकार को एक अभियान चलाना पड़ रहा है। खुद का घर आँगन साफ करने के लिए भी सरकार की तरफ मुँह देखते है। महात्मा गाँधी के विजन को पूरा करने के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान का आगाज किया।
स्वच्छ भारत अभियान का आगाज कैसे हुआ 
 खुले में शौच की प्रवृति से भरा को मिक्ति दिलाना ही इसका प्रथम ध्येय है | इसके तहत सरकार ने गाँव -गाँव में शौचालय का निर्माण कराया | इसी वजह से 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गाँधी की 145वीं जयंती पर प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान  शुरु किया और 5 साल बाद यानि 150वीं जयंती पर भारत का लक्ष्य दिया | इसमे लोगो को जागरुक करने के लिए प्रधानमंत्री ने 9 प्रसिध्द हस्तियों का चयन किया जो लोगो में स्वछता के प्रति जागरुक फैला सके 


गाँवों में लोगो के लिए शौचालय बनवाकर नुक्कड़ नाटकों के माध्यमों से शौचालय के लाभ से परिचित भी करवाया गया। ग्राम पंचायतों की मदद से सभी घरों में उचित अपशिष्ट का सही से निस्तारण का कार्य भी समझाया गया। हर घर में पानी की पाइपलाईन भी बिछाई गई है और 2012-13 में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के अनुसार 40% ग्रामीण घरों में शौचालय है। 5 वर्षों के लिए अनुमानित राशि 62,009 करोड़ रुपयों की है और इसमें लगभग 14,623 करोड़ रूपये की सहायता केंद्र सरकार की ओर से हुई है।


भारत देश यदि पूर्णतया स्वच्छ बन जाता है तो इससे कई फायदे होंगे। इससे सबसे ज्यादा निजी निवेशक हमारे देश में निवेश करेंगे जिससे भारत की जीडीपी बढ़ेगी इसके अलावा यहाँ पर्यटकों की संख्या मे भी इजाफा होगा, रोजगार बढेगा आदि फायदे होंगे। इसके तहत नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक को साल में 100 घंटे स्वच्छता को सुपुर्द करने को कहे हैं ताकि देश को साफ़ एवं सुन्दर बनाया जा सके।


इसके साथ ही सरकार द्वारा विभिन्न वस्तुओं पर 0.5% स्वच्छता सेस लगाया गया है ताकि देश की स्वच्छता में सभी नागरिक योगदान दे सकें और इसमें अधिक खर्च हो सकें और 2019 तक भारत के पूर्णतया स्वच्छ देश बन सके। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी अपना एक बड़ा योगदान देते हुए पूरे उत्तरप्रदेश के सरकारी कार्यालयों में गुठका, पान, तम्बाकू आदि बंद कर दिया है।

निष्कर्ष 
"यदि 
हम अपने घरो के पीछे सफाई नहीं रख सकते है तो स्वराज की बात बेईमानी होगी | हर किसी को 
                  स्वयं अपन सफाईकर्मी होना चाहिए "-- महात्मा गाँधी 

स्वच्छ भारत अभियान एक बहुत ही महत्वपूर्ण अभियान है जिससे पूरे विश्व में भारत नयी ऊँचाईयों तक पहुंचेगा। लेकिन ऐसा संभव हो पाने के लिए देश के हर नागरिक का इसमें साथ होना जरूरी होगा। यदि हम अपने देश को इस विश्व में नयी उपलब्धियां दिलाना चाहते हैं तो हमें सफाई की और खुद तो भरसक प्रयास करने ही होंगे साथ में दोस्तो को भी प्रेरित करने होगा। ऐसा यदि हुआ तो जल्द ही हमारा देश विश्व के सबसे साफ़ देशों में शुमार होगा। हमारे देश के सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों ने अपना-अपना योगदान दिया है।

स्वच्छ भारत अबियाँ के उद्देश्य 
* 2019  तक सभी घरों में पानी की पूर्ति सुनिश्चित कर के गांवों में पाइपलाइन लगवाना जिससे स्वच्छता बनी रहे।
* खुले में शौच बंद करवाना जिसके तहत हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती है।
* लगभग 11 करोड़ 11 लाख व्यक्तिगत, सामूहिक शौचालयों का निर्माण करवाना जिसमे 1 लाख 34 हजार करोड रुपए खर्च होंगे।
* लोगों की मानसिकता को बदलना उचित स्वच्छता का उपयोग करके।
* शौचालय उपयोग को बढ़ावा देना और सार्वजनिक जागरूकता को शुरू करना।
गांवो को साफ रखना।
* ग्राम पंचायत के माध्यम से ठोस और तरल अपशिष्ट की अच्छी प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करना।
* सड़के फुटपाथ ओर बस्तियां साफ रखना।
*साफ सफाई के जरिए सभी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना।

स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता
सही मायनों में भारत की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देने के लिये है जो हर तरफ स्वच्छता लाने से शुरु किया जा सकता है। यहाँ कुछ बिंदु दिए जा रहे हैं जो स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता को दिखाते हैं:

1. हमारे देश में कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां पर कूड़ा करकट नहीं फैला हो। हमारे भारत देश के हर शहर, हर गांव, हर एक मोहल्ला, हर एक गली कूड़े-करकट और गंदगी से भरी पड़ी है।
2. हमारे देश के गाँवो में शौचालय नहीं होने के कारण के लोग आज भी खुले में शौच करने जाते हैं जिसके कारण हर जगह गंदगी फैलती है और यह गंदगी नई बीमारियों को आमंत्रण देती है।
3. हमारे आसपास के सभी नदी-नाले भी कचरे से इस तरह से रहते हैं जैसे कि पानी की जगह कचरा बह रहा हो।
4. इस कूड़ा करकट और गंदगी के कारण विदेश से लोग हमारे देश में आना कम ही पसंद करते हैं, जिसके कारण हमारे देश को आर्थिक नुकसान होता है।
5. इस कचरे के कारण हमारे साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं को भी नुकसान होता है और साथ ही हमारी पृथ्वी भी प्रदूषित होती है।
6. ये बेहद जरुरी है कि भारत के हर घर में शौचालय हो साथ ही खुले में शौच की प्रवृति को भी खत्म करने की आवश्यकता है।
7. नगर निगम के कचरे का पुनर्चक्रण और दुबारा इस्तेमाल, सुरक्षित समापन, वैज्ञानिक तरीके से मल प्रबंधन को लागू करना।
8. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में वैश्विक जागरुकता का निर्माण करने के लिये और सामान्य लोगों को स्वास्थ्य से जोड़ने के लिये।
9. पूरे भारत में साफ-सफाई की सुविधा को विकसित करने के लिये निजी क्षेत्रों की हिस्सेदारी बढ़ाना।
10. भारत को स्वच्छ और हरियाली युक्त बनाना।
11. ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना।

देश के स्वच्छ न होने के कारण
हमारे देश का स्वच्छ नहीं होने का सबसे पहला कारण आप और हम ही है क्योंकि गंदगी और कूड़ा करकट मनुष्य जाति के द्वारा ही फैलाया जाता है। इसके अलावा प्रमुख कारण निम्नलिखित है:
* शिक्षा का अभावदेश को स्वच्छ रखने के उपाय
* खराब मानसिकता
* घरों में शौचालयों का नहीं होना
* अत्यधिक जनसंख्या
*सार्वजनिक शौचालय का अभाव
*कचरे का सही से निदेश


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