उष्णकटिबंधीय महासागर में जहां जल का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस हो तथा 30 % हो वह प्रवाल या मूंगा नाम का एक सूक्ष्म जीव पाया जाता है जिसका शरीर स्पंज नुमा मुलायम होता है यह अपने शरीर की रक्षा करने के लिए चूने की खोल बनाता है जब यह जीव मर जाता है तो चूना समुद्र की तली पर निक्षेपित हो जाता है जिससे एक लंबे चौड़े दीवार की तरह स्थलाकृति बन जाती इसे प्रवाल भित्ति कहते हैं ।
संसार की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति ग्रेट बैरियर रीफ है जो आस्टे के उत्तरी पूर्वी भाग में प्रशांत महासागर में अवस्थित है ।
प्रवाल विरंजन -
मूंगा के शरीर में एक शैवल पाई जाती है जो प्रकाश संश्लेषण विधि से भोजन बनाती है जो 60 % कि भोजन की आपूर्ति करती है 40% भोजन अपने मुख्य द्वारा करता है ।
समुद्रों के तापमान में बढ़ोतरी के कारण शैवल उसके शरीर से अलग हो जाती है जिस कारण यहं जीव भूखों मरने लगता है यही क्रिया प्रवाल विरंजन कहलाती है ।
लक्षद्वीप समूह प्रवलो द्वारा निर्मित द्वीप है ।