देश में रोजगार के अवसर पैदा करने के मामले में पहली श्रेणी के शहरों का कुल हिस्सा बेशक 86 प्रतिशत से घटकर 70% हो गया लेकिन दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एनसीआर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में आगे रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम प्लेसमेंट पैटर्न से मासिक आधार पर रोजगार के अवसरों पर अध्ययन में यह बात सामने आई है । इसमें देश के 56 प्रमुख शहरों में 32 क्षेत्रों के बारे में अध्ययन किया गया। यह अध्ययन 300000 जब होटल में दिए गए नौकरी के 181 अवसरों में किया गया।
भारतीय उद्योग जगत में इस दौरान रोजगार के अवसरों में 51% वृद्धि दर्ज की गई इस जिसमें पहली श्रेणी में शहरों में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र 24% के योगदान के साथ सबसे आकर्षकÂ क्षेत्र साबित हुआ। नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए दिल्ली एनसीआर काफी आकर्षक रहा है। एसोचैम महासचिव डी,एस, रावत ने प्लेसमेंट पैटर्न सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा है कि नौकरियां उपलब्ध कराने में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों का योगदान क्रमांक 9 और 6% से बढ़कर 13% से अधिक हो गया है इससे यह साबित हो जाता है कि आर्थिक गतिविधियों का रुझान पहली श्रेणी के शहरों से छोटे शहरों की तरफ होने लगा है।
अध्ययन के अनुसार अगस्त 2011 में बेंगलुरु चेन्नई कोलकाता मुंबई अहमदाबाद पुणे और दिल्ली एनसीआर सहित पहली श्रेणी के शहरों में कुल 45859 रोजगार के अवसर सृजित हुए। पिछले साल अगस्त की तुलना में यह 30% की वृद्धि है। रावत ने कहा कि ज्यादातर उद्योग अपने श्रम शक्ति को मजबूत बनाना चाहते हैं वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर मंदी के रूप के बावजूद नियुक्तियों में वृद्धि का क्या रुझान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
एसोचैम अध्ययन के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सर्वाधिक 38.6 प्रतिशत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं हैं। पिछले साल अगस्त के मुकाबले इस में 50% की वृद्धि दर्ज की गई । बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र का भी रोजगार उपलब्ध कराने के बेहतर योगदान रहा है। पिछले साल अगस्त के मुकाबले इस क्षेत्र में 45% की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि शिक्षा विनिर्माण और इंजीनियरिंग के क्षेत्र का योगदान पिछले साल की तुलना मैं कुछ कम हुआ है।