3D प्रिंटिंग एक बेहद मॉर्डन तकनीक है जिसे थ्री डाइमेंशनल प्रिंटिंग या एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहते हैं।
इस तकनीक के जरिए किसी भी आकार की ठोस चीज (सुई, खिलौने, हथियार, जूते, हेल्मेट, साइकिल फ्रेम, कुछ भी) को प्रिंट किया जा सकता है। इस प्रिटिंग के जरिए तैयार किए जाने वाली चीज की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई, मोटाई, गहराई सब कुछ तय किया जा सकता है।
3D प्रिंटिंग को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें प्रिंट किए जाने वाली चीज को तैयार करने के लिए प्रिंटिग मटीरियल की एक के ऊपर एक लेयर के तौर पर रखा जाता है। यह सब कुछ कम्प्यूटर के जरिए ऑपरेट होता है। इस तकनीक के जरिए कोई चीज तैयार करने से पहले उसका डिजिटल या वर्चुअल मॉडल तैयार किया जाता है। डिजिटल मॉडल या वर्चुअल मॉडल कम्प्यूर ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार होता है। एक बार वर्चुअल मॉडल तैयार हो जाने के बाद 3D प्रिंटर के जरिए छपाई शुरू की जाती है। प्रिंटर के इंकजेट हेड्स के जरिए प्रिंटिंग मटीरियल को एक पाउडर बेड पर स्प्रे किया जाता है। कई बार अलग-अलग हिस्सों में प्रिंट करके उसे असेंबल भी किया जाता है।