वह आहार जिसमें शरीर की वृद्धि एवं स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक सभी पोषक पदार्थ एवं तत्व निश्चित अनुपात में उपस्थित हों, संतुलित आहार कहलाता है ।यह व्यक्ति की आयु , लिंग , स्वास्थ्य एवं व्यवसाय पर निर्भर करता है । सामान्यतः एक सामान्य कार्य करने वाले औसत युवा मनुष्य को 3000 से 3500 कैलोरी ऊर्जा उत्पन्न करने लायक भोजन की आवश्यकता होती है । यह ऊर्जा प्राप्त करने के लिए भोजन में लगभग 90 ग्राम प्रोटीन , 400 से 500 ग्राम कार्बोहाइड्रेट , 50 से 70 ग्राम वसा तथा अन्य आवश्यक तत्वों का होना आवश्यक है । बाल्यावस्था में जब वृद्धि तेज होती है तब अपेक्षाकृत अधिक भोजन की आवश्यकता होती है । जबकि प्रौढ़ावस्था में अपेक्षाकृत कम भोजन की आवश्यकता होती है । पुरुष और बालकों को स्त्रियों तथा बालिकाओं की तुलना में अधिक भोजन चाहिए इसी प्रकार शीतकाल या ठंडी जलवायु में ग्रीष्मकाल की तुलना में अधिक भोजन की आवश्यकता होती है । जो व्यक्ति अधिक परिश्रम करते हैं और सक्रिय जीवन व्यतीत करते हैं उनके भोजन की मात्रा अधिक होनी चाहिए।
अल्पपोषण :- लंबी अवधि तक भोजन की मात्रा कम लेने सेे उत्पन्न स्थिति को अल्पपोषण कहते हैं।
अतिशय पोषण :- लंबी अवधि तक अत्यधिक भोजन लेने सेे उत्पन्न स्थिति को अतिशय पोषण कहतेे हैं । इसके परिणाम स्वरुप मोटापा , धमनी काठिन्य रक्त संबंधी विकार , मधुमेह आदि हो जाते हैं ।
असंतुलित आहार :- जब आहार में कुछ पोषक अधिक मात्रा में तथा कुछ अन्य पोषक नगण्य मात्रा में उपस्थित रहतेे हैं तब ऐसा आहार असंतुलित आहार कहलाताा है ।