जलवायु और मौसम

1- मौसम किसी निश्चित स्थान एवं निश्चित समय पर वायुमंडलीय दशाओं का औसत योग है जबकि जलवायु किसी स्थान पर लंबे समय के आवश्यक मौसमी दशाओं का योग होता है ।

2-मौसम वायुमंडल के अवस्था का सूचक है यह घंटे में दिन और सप्ताह भर में बदलने वाले होते हैं जबकि जलवायु का बदलना लंबे समय का परिणाम होता है।

3-मौसम अति परिवर्तनशील होता है जबकि जलवायु मूल रुप से अपरिवर्तन शील एवं नियत होती है तथा जलवायु परिवर्तन हजारों एवं लाखों वर्षों की प्रक्रिया का परिणाम है ।

4-मौसम एक प्रकारत्यामक  संकल्पना है जबकि जलवायु एक स्थानिक  परिसंकल्पना है अर्थात जलवायु के द्वारा प्रदेश सूचित किया जाता है जैसे -मानसून जलवायु , भूमध्यसागरीय जलवायु , जलवायु का प्रदेश ।

5-जलवायु शब्द से अक्षांशीय विस्तार का बोध होता है जैसे विषुवत रेखीय प्रदेश का विस्तार दोनों की गोलार्ध में जीरो डिग्री से 10 डिग्री अक्षांशों के मध्य जबकि मौसम के तत्व परिवर्तनशील होते हैं एक ही दिये आक्षाश पर यह अलग-अलग रूप से कार्य शील होते हैं जलवायु परिवर्तन का विनाशकारी प्रभाव दिखाई देता है जबकि मौसम का बदलना कम विनाशकारी एवं लाभदायक दोनों हो सकता है ।

6-वास्तव में मौसम और जलवायु में घनिष्ठ संबंध है यदि मौसम साधन तो जलवायु साध्य है और यदि मौसम कारण हो तो जलवायु  उसका उत्पादय है।

मौसम और जलवायु के तत्व- 

                                       1-तापमान

                                       2-वर्षण

                                       3-आर्द्रता

                                       4-वायुदाब एवं पवने

                  मूल तत्व इन्हीं चारों तत्वों के द्वारा किसी भी स्थान के मौसम और जलवायु को प्रभावित होते हैं तथा इन्हें मौसम एव जलवायु के तत्व भी कहते ।

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