प्राचीन भारतीय इतिहास-24

      विवाह-आठ प्रकार के विवाहों का प्रचलन था जिनमें प्रथम चार को शास्त्र सम्मत कहा गया है। इसमें विवाह विच्छेद की अनुमति नहीं थी।

1.    ब्रह्म विवाह  ः    समानवर्ण की कन्या के साथ

2.    दैव विवाह    ः    यज्ञ सम्पादित करने वाले ब्राह्मण के साथ

3.    आर्ष विवाह   ः    इसमें कन्या का पिता एक जोड़ी गाय या बैल लेता था।

4.    प्रजापत्य विवाह     ः    बिना लेन-देन के योग्यवर के साथ

5.    गन्धर्व विवाह ः    प्रेम विवाह

6.    असुर विवाह  ः    कन्या के बदले वर से धन प्राप्त करना

7.    राक्षस विवाह  ः    इसे अपहरण विवाह कहते है।

8.    पैशाच विवाह  ः    जोर, जबरदस्ती, छल-छद्म, बलात्कार आदि कर के किया गया विवाह। यह सबसे निकृष्ट विवाह था।

      आर्य सर्वप्रथम पंजाब एवं अफगानिस्तान में बसे थे।

      वैदिक संस्कृति ग्रामीण सभ्यता थी।

      आर्यो की भाषा संस्कृत थी।

      ग्राम के मुखिया को ग्रामणी कहते थें।

      विश का प्रधान विशपति कहलाता था।

      राज्यधिकारियों में पुरोहित व सेनानी राज्य के प्रमुख अधिकारी होते थे।

      पुरप-दुर्गपति होते थे।

      स्पश-गुप्तचर होते थे।

      व्राजपति-गोचर भूमि का अधिकारी होता था।

      उग्र-एक प्रकार से पुलिस अधिकारी होता था।

      सभा एवं समिति राजा को सलाह देने वाली संस्था थी।

      सभा श्रेष्ठ एंव संभ्रान्त लोगो की संस्था थी इसके अध्यक्ष को ईशान कहा जाता था।

      युद्व मे कबीले को नेतृत्व राजा करता था।

-शेष अगले भाग में

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