लोकसभा में 6 /8/ 2018 को अनुसूचित जाति एवंअनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक, 2018 पारित हो गया।
इस संशोधन के जरिए सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके तहत एससी/एसटी अत्याचार निवारण के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी।
यह संशोधन विधेयक लोकसभा में केंद्रीय न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने पिछले सप्ताह पेश किया था।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर शीर्ष अदालत के आदेश को निरस्त कर एससी/एसटी अत्याचार निवारणअधिनियम 1989 के मूल प्रावधानों को बरकरार रखने की गुहार लगाई थी।जो अब मान ली गई अत: कानून को पहले कि तरह बहाल कर दिया गया है ।