गुरुत्व और गुरुत्वीय त्वरण

न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम में गुरुत्वाकर्षण वह आकर्षण बल है जो किन्हीं दो वस्तुओं के बीच कार्य करता है यदि इन वस्तुओं में एक वस्तु पृथ्वी हो तो गुरुत्वाकर्षण को गुरुत्व कहते हैं अतः गुरुत्व वह आकर्षण बल है जिसमें पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है अतः गुरुत्व गुरुत्वाकर्षण का एक उदाहरण है गुरुत्व बल के कारण ही पृथ्वी की सतह से मुक्त रूप से फेकी गई वस्तु वापस पृथ्वी की सतह पर आकर गिरती है।

             जब कोई वस्तु ऊपर से मुक्त रूप से छोड़ी जाती है तो वह गुरुत्व बल के कारण पृथ्वी की ओर गिरने लगती है और जैसे-जैसे वस्तु पृथ्वी के सतह के निकट आती जाती है उसका वेग बढ़ता जाता है अतः उसके वेग में त्वरण उत्पन्न हो जाता है इसी त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं।

               यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान m हो तो इस पर कार्य करने वाला गुरुत्व बल mg के बराबर होगा अतः गुरुत्वीय त्वरण उस बल के बराबर होता है जिस बल से पृथ्वी एकांक द्रव्यमान वाली वस्तु को अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है। यह वस्तु के रूप, आकार ,द्रव्यमान इत्यादि पर निर्भर नहीं करता है इसे g से प्रदर्शित करते हैं।

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