बहलोल खान लोदी की मृत्यु के उपरांत सिकंदर लोदी सुल्तान बना ।इसके सुल्तान बनने में कठिनई का मुख्य कारण था इसका बडा़ भाई, बरबक खान ,जो तब जौनपुर का राज्यपाल था। उसने भी इस गद्दी पर्, अपने पिता के सिकंदर के नामांकन के बावजूद, दावा किया था। परंतु सिकंदर ने एक प्रतिनिधि म्ण्डल भेज कर मामला सुलझा लिया और एक बडा़ खून-खराबा बचा लिया।
सिकंदर लोदी का जन्म नाम निज़ाम खान था। वह लोधी वंश का दूसरा शासक था ।और लोदी वंश का सबसे सफल शासक कहलाया। एक कुशल शासक होने के साथ-साथ वह पर्शियन भाषा का एक अच्छा कवी भी था।
सिकंदर एक योग्य शासक सिद्ध हुआ। वह अपनी प्रजा के लिये दयालु था। उसने अपने राज्य को ग्वालियर एवं बिहार तक बढाया। उसने अल्लाउद्दीन हुसैन शाह एवं उसकी बंगाल के राज्य से संधि की। वह अपने देशी अफगान नवाबो को नियंत्रण में रखने में सफल हुआ। और अपने राज्य में व्यापर को बढ़ावा देने लगा। सन 1503 में उसने वर्तमान आगरा शहर की नीव रखी थी ।
दिल्ली के इतिहास में हमें सिकंदर का नाम बार-बार दिखाई देता है। सिकंदर को कविताओ का बहोत शौक था। वे अपनी कलम गुलरुखी से कविताये लिखा करते थे। खातो में परिक्षण की प्रणाली को सिकंदर ने ही शुरू किया था। सिकंदर न्याय प्रिय शासक था। वह सभी की देखभाल किया करता था और हमेशा अपनी प्रजा के भले के बारे में ही सोचता था। अपने शासनकाल में सिकंदर ने कई कार्यालयीन बदलाव भी किये जिसमे मुख्य रूप में पर्शियन भाषा को भारत अधिकारिक रूप से अपनाना है ।
सिकंदर लोदी ने ग्वालियर का किला हासिल करने की कोशिश की और उसने पाच बार आक्रमण भी किये लेकिन हर बार उसे ग्वालियर के महाराजा मानसिंह से विफलता ही मिली। सिकंदर ने आगरा को दिल्ली के बाद भारत की दूसरी राजधानी की तरह विकसित किया। क्योकि उस समय दिल्ली से ग्वालियर जाने में बहोत ज्यादा समय लगता था। सिकंदर लोदी के समय में आगरा “भारत का शिराज” के नाम से जाना जाने लगा था।अंततः सिकंदर ने ग्वालियर के समीप एक छोटे भूभाग नरवर पर आक्रमण किया और 11 महीनो के लम्बे इंतज़ार के बाद नरवर किले को हासिल किया। 11 महीनो बाद जब लोगो ने पाया की उनके पास खाने के लिये कुछ भी नही। तो लोगो ने स्वयं को सिकंदर के हवाले कर दिया। और फिर बाद में एक बार फिर सिकंदर ने ग्वालियर पर आक्रमण किया और महाराजा मानसिंह और उनकी पत्नी मृगनयनी से उसे हार का सामना करना पड़ा।1517 में सिकंदर की मृत्यु हुई।
सिकंदर लोदी प्रथम सुल्तान था जिसने आगरा को अपनी राजधानी बनाया। सिकंदर लोदी एक शिक्षित और विद्वान शासक था ।