हड़प्पा सभ्यता का भौगोलिक विस्तार उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम चारो तरफ फैला हुआ था। अब तक अफगानिस्तान के मुंडीगाक तथा सोर्तुघय जैसे दो हड़प्पाई बस्ती के साक्ष्य मिले हैं ।सन 1947 ईस्वी के पश्चात भारत एवं पाकिस्तान में इस सभ्यता के संबंधित उत्खनन कार्य तेजी से बड़ा इससे कई नवीन स्थलों के बारे में जानकारी मिली। भारत में मिलने वाले महत्वपूर्ण स्थलों में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित कालीबंगा गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित लोथल रंगपुर किस जिले में स्थित सुरकोतड़ा एवं धौलावीरा उल्लेखनीय है। पंजाब के रोपण जिले में स्थित बडावली जींद जिले में स्थित राखीगढ़ी एवं भिवानी जिले में स्थित मिताथल महत्वपूर्ण सैंधव पुरास्थल है ।उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित आलमगीरपुर एवं सहारनपुर जिले में स्थित हुलास आज उल्लेखनीय है ।हड़प्पा सभ्यता का क्षेत्रफल 12,99,600 वर्ग किलोमीटर था। इस सभ्यता का आकार त्रिभुजाकार था ।स्टुअर्ट पिग्गेट महोदय के अनुसार सभ्यता की जुड़वा राजधानी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थी।
सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल क्रम में मोहनजोदड़ो, गनेरीवाला ,हड़प्पा ,धौलावीरा तथा राखीगढ़ी है। पूरब से पश्चिम तक की लंबाई 1600किलोमीटर तथा उत्तर से दक्षिण तक की लंबाई 1400किलोमीटर है।