प्रधानमंत्री युवा योजना

भारत में बढ़ती हुई बेरोजगारी से निजात दिलाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार की रोजगार-परक योजनाएं चलाई जाती हैं। इन्हीं योजनाओं के क्रम में केंद्र सरकार ने ‘कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय’ के अंतर्गत ‘प्रधानमंत्री युवा योजना’ का शुभारंभ किया गया है। NSSQ के द्वारा प्रदत्त आंकड़ो के अनुसार, वर्ष 2011-12 में बेरोजगारी दर भारत में 3.4 प्रतिशत जबकि ग्रामीण इलाकों में यह 1.7 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर थी। ईसाई समुदाय में सबसे अधिक बेरोजगारी की दर पाई गई। भारत में बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
9 नवंबर, 2016 को ‘केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय’ की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर उद्यमिता और प्रशिक्षण के लिए प्रधानमंत्री युवा योजना का शुभारंभ किया गया।
इस योजना के लिए 499.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिसे योजना के प्रथम चरण वर्ष 2016-2021 के मध्य खर्च किया जाएगा।
इसके माध्यम से 5 वर्ष में 3050 संस्थाओं के द्वारा 7 लाख से अधिक प्रशिक्षुओं को उद्यमशीलता शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा उन युवाओं को पुरस्कृत करने की योजना है जो वास्तविक रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान प्रदान कर रहे हैं।
पहली बार 30 वर्ष की आयु से नीचे के युवाओं को ‘राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
इसी मंत्रालय के द्वारा समस्त भारतीय युवाओं को कौशल विकास का शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री ने 15 जुलाई, 2015 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन का शुभारंभ किया।
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