रेडियो सक्रियता की खोज फ्रेंच वैज्ञानिक हेनरी बेकुरल पी क्यूरी एवं M क्यूरी ने किया था इस खोज के लिए इन तीनों को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला जिन नाभिक में प्रोटॉन की संख्या 83 या उससे अधिक होती है यह अस्थाई होते हैं अस्थाई को प्राप्त करने के लिए यह नाभिक स्वता ही अल्फा बीटा गामा किरण उत्सर्जित करने लगती हैं ऐसे ना अभी जिन तत्वों के परमाणु में होते हैं उन्हें भी अभी तक तथा क्योंकि उत्सर्जन की घटना को दिया करते हैं
गामा किरणें अल्फा एवं बीटा किरणों के बाद ही उत्सर्जित होती हैं
रॉबर्ट पियरे एवं उनकी पत्नी मैडम क्यूरी ने नए रेडियोएक्टिव तत्व रेडियम की खोज की
रेडियो सक्रियता के दौरान निकलने वाली किरणो की पहचान सर्वप्रथम 1902 में रदरफोर्ड नामक वैज्ञानिक ने की