युद्ध काल में भारत राष्ट्र ने ब्रिटेन को जन एवं धन से भरपूर सहायता दी थी और युद्ध से भारतीय राष्ट्रवाद को अपूर्व प्रोत्साहन प्राप्त हुआ था अब भारतीय जनता स्वतंत्रता और लोक तंत्र के स्वप्न सजोने लगी थी लेकिन कुछ घटनाओं ने जनता की आशा को निराश और घोर असंतोष में बदल दिया l
जो निम्न प्रकार है l
(1) रौलक एक्ट
ब्रिटिश सरकार युद्ध काल के बाद भी आतंकवादी तत्वों पर नियंत्रण के नाम पर दमनात्मक शक्तियां अपने हाथ में बनाए रखना चाहती थी अतः भारत के सभी वर्गो के विरोध के बावजूद 18 मार्च 1919 को रौलाक एक्ट पारित कर दिया गया l
(2) जलियांवाला बाग हत्याकांड(1919)
जलियावाला बाग के भीषण गोली कांड में निहत्थे लोगो पर बिना चेतावनी दिए गोली चला कर सह स्रू लोगो को मार दिया गया इस दुर्घटना का राष्ट्र के मन और मस्तिष्क पर व्यापक प्रभाव पड़ा l
(3) हंटर कमेटी के रिपोर्ट
हत्याकांड की जांच के लिए हंटर कमेटी की नियुक्ति की गई लेकिन इस कमेटी में जनरल डायर के कार्य को कर्तव्य से सत्यलिस्ट लेकिन गलत धारणा पर आधारित बताते हुए उसका परोक्ष समर्थन किया जो कि भारतीयों के जले पर नमक छिड़कने के समान था l