पानीपत का प्रथम युद्ध पर संक्षेप में बताइए ?

  • पानीपत का प्रथम युद्ध  में मुगल साम्राज्य का संस्थापक जहीरउद्दीन मुहम्मद बाबर नवम्बर, 1525 में विशेष सैनिक तैयारियों के साथ भारत की ओर चल पड़ा। इस समय उसके पास 25,000 अश्वारोही तथा 700 तोपें थीं। उसने शीघ्रता से सिन्धु नदी को पार किया और पंजाब जा पहुँचा। सूबेदार दौलत खाँ लोदी की सेना बाबर का नाम सुनते ही भाग खड़ी हुई। दौलत खाँ लोदी बन्दी बना लिया गया, परन्तु मार्ग में ही उसकी मृत्यु हो गई। पंजाब पर अपनी स्थिति दृढ़ करने के पश्चात् बाबर ने दिल्ली की ओर प्रस्थान किया। जब इब्राहीम लोदी को बाबर के आक्रमण का पता चला, तो वह भी अपने 40,000 सैनिकों को साथ लेकर उसका सामना करने के लिए चल पड़ा। 12 अप्रैल, 1526 को बाबर और इब्राहीम, दोनों की सेनाएँ पानीपत के ऐतिहासिक मैदान में आमने-सामने आ डटीं।

Posted on by