कला शब्द की उतपत्ति सँस्कृत भाषा के कड़(कल)धातु से हुई हैं।जिसका तातपर्य सुंदर, मधुर,कोमल या सुख देने वाला है। कला=क+ला से मिलकर बना है।जिसमें क=कामदेव।अर्थात सौंदर्य हर्ष या उल्लास से है। ल=देना इस प्रकार सूंदरता की अभिव्यक्ति द्वारा सुख प्रदान करने वाली वस्तु ही कला है।
●परिभाषा_प्लेटो के अनुसार, कला सत्य की अनुकीर्त है।
●अरस्तू के अनुसार__कला अनुकरण है
●हिंगल ने कला को आदि भौतिक सत्ता को व्यक्त करने का माध्यम माना है।।
●हरबर्ट रीड ने अभिव्यक्ति के रंजकसवरूप को कला माना है
●टैगोर के अनुसार मनुष्य कला के माध्यम से अपने गम्भीरतम अन्तर को अभिव्यक्ति करता है।