महमूद गजनवी के आक्रमण

नौवीं शताब्दी के अंत में ट्रांस - आक्सियाना, खुरासान तथा ईरान के कुछ भागों में समानी शासकों का राज्य था, जो मूलतः ईरानी थे। तुर्क अधिकतर प्राकृतिक शक्तियों की पूजा करते थे, अतः मुसलमानों की दृष्टि में वे काफिर थे समय के साथ साथ अनेक तुर्क इस्लाम के अनुयायी, प्रचारक और रक्षक बन गए। 

महमूद ने भारत पर 1000 ई० से 1026 ई० तक सत्रह बार आक्रमण किया।

महमूद के सत्रह आक्रमण -:

1. 1000 ई. में प्रथम बार महमूद ने उत्तर - पश्चिमी सीमा के कुछ नगरों और पेशावर के आस - पास के कुछ किलों पर अधिकार किया ।

2. 1001 ई. में महमूद ने पेशावर पर आक्रमण करके जयपाल को पराजित किया।

3. 10004 ई. में उसने भेरा तथा भटांडिया पर आक्रमण करके बाजीराव को पराजित किया।

4. 10005-06 ई. में महमूद ने मुल्तान के शासक अबुल फतह दाऊद को पराजित करके 20,000 सोने के दिरहम प्राप्त किया।

5. महमूद के लौटते ही नौकाशाह ने इस्लाम त्याग दिया। अतः महमूद के आक्रमण पर सुखपाल को बंदी बना लिया और आजीवन उसे कैदी बनाए रखा।

6. 1008 ई. में महमूद ने लाहौर के शासक आनंदपाल पर आक्रमण किया।

7. 1009 ई. में महमूद ने नगरकोट पर आक्रमण किया।

8. 1011 ई. में महमूद ने मुल्तान के शासक दाऊद पर पुनः आक्रमण कर उसे बंदी बना लिया।

9. 1013 ई. में महमूद ने आनंदपाल के उत्तराधिकरी त्रिलोचन पाल की राजधानी ' नंदन ' को जीत कर गजनवी साम्राज्य का अंग बना लिया।

10. 1014 ई. में महमूद ने थानेश्वर पर आक्रमण करके यहां के मंदिरों में लूटपाट की व किले पर अधिकार कर लिया।

11. 1015 ई. में महमूद ने कश्मीर पर आक्रमण करके त्रिलोचन पाल के पुत्र भीमपाल को पराजित किया।

12. 1018 ई. में महमूद ने मथुरा में लूटपाट की। कन्नौज का शासक राजपाल शहर छोड़ कर भाग गया।

13. 1021 ई. में महमूद ने कालिंजर व ग्वालियर पर आक्रमण करके उन पर भी अधिकार कर लिया।

14. 1021 ई. में महमूद ने पंजाब पर पुनः आक्रमण किया।

15. 1022 ई. में महमूद ने धन प्राप्ति हेतु कालिंजर पर पुनः आक्रमण किया।

16. महमूद के आक्रमणों में सोमनाथ पर आक्रमण सर्वाधिक प्रसिद्ध माना जाता है। 1024 ई को विशाल सेना के साथ उसने गजनी से कूच किया तथा जनवरी 1025 ई. गुजरात की राजधानी पहुंचा। यहां का राजा भीमदेव भाग गया। तीन दिन तक जनता ने महमूद का सामना किया, किन्तु पराजित हुई।

17. 1026-27 ई. में महमूद ने सिंध नदी और मुल्तान के आस पास बसे जाटों पर जलसेना द्वारा आक्रमण करके उन्हें पराजित किया।

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