महाविस्फोटक सिद्धान्त
ब्रह्मांड की ब्याख्या करने वाला यह नवीनतम
सिद्धान्त हैं जिसे फायरवर्क्स थ्योरी के नाम से जाना जाता है। इस सिद्धान्त के अनुसार लगभग 15 अरब वर्ष पूर्व कॉस्मिक पदार्थ एक अत्यधिक संपीडन पिंड के रूप में मौजूद थे। तथा इस संपीडन पिंड का तापमान एंव दबाव काफी अधिक था इस संपीडित पिण्ड के तीव्र विस्फोट हुआ और उसके टुकडें आकाशीय पिंड मे परिवर्तित हो गये। एंव वे विखंडिट टुकडें अभी भी हजारो किलोमीटर प्रति सेकंड गति से गतिशील है जैसे कि सभी विस्फोटों मे होता हैं सर्वाधिक दूर के टुकडे सार्वाधिक तीव्र गति से गतिशील है।
अंंतरिक्ष की मापक इकाईया
प्रकाश वर्ष ः निर्वात मे 3 × 105 किमी/ सेकंड की गति प्रकाश द्वाारा एक वर्ष मेे.तय कि गयी दूूूरी
प्रकाश वर्ष = 5.88 × 106 मील