पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में 16 अगस्त को निधन हो गया।
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष के थे।
अपने भाषणों के लिये पूरी दुनिया में मशहूर वाजपेयी अपने 50 सालों के राजनीतिक करियर में बेबेदाग छवि के लिये जाने जाते हैं। उन्हें भारतीय राजनीति का अजातशत्रु भी कहा जाता है।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 में ग्वालियर में हुआ था। एक शिक्षक परिवार में पैदा हुए अटल बिहारी जनता के बीच प्रसिद्ध अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। अटल जी को लेकर माना जाता है कि उन्होंने बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने इस कौशल का एक शानदार परिचय दिया।
राजनीतिक विज्ञान और कानून के छात्र रहे अटल बिहारी जी ने एक पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वहीं भारतीय राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के साथ ही 1942 में कदम रखा था।
1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी। आज की भारतीय जनता पार्टी को पहले भारती जन संघ के नाम से जाना जाता था जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का अभिन्न अंग है।
एक अनुभवी सांसद के रूप में चार दशक तक अपना वर्चस्व कायम रखा। वह लोकसभा में नौ बार और राज्य सभा में दो बार चुने गए जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है।
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बन चुके हैं। पहली बार अटल बिहारी 1996 में आैर दूसरी बार 1998 में प्रधानमंत्री बने। इसके बाद वह तीसरी बार 1999 को वह पीएम बने आैर 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।
अटल ने भारत के विदेश मंत्री का पद भी संभाला। आजादी के बाद भारत की घरेलू और विदेश नीति को आकार देने में एक सक्रिय भूमिका निभाई ।
1994 में भारत का सर्वश्रेष्ठ सासंद पुरस्कार आैर भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
अपने नाम के ही समान अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति रहे।