प्रत्येक धर्म अपने अंदर पूर्ण अथवा आंशिक रूप से डूबी हुई वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है जिसे उत्प्लावन का बल अथवा उत्क्षिप्त कहते हैं या बल वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है तथा हटाए गए द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे उत्प्लावन केंद्र कहते हैं।
उत्प्लावन बल=हटाए गए द्रव का भार =mg=V×d×g=हटाए गए द्रव का आयतन× द्रव का घनत्व × गुरुत्वीय त्वरण
उत्प्लावन बल के कारण ही द्रव में डूबी वस्तुएं अपने वास्तविक धार से हल्की प्रतीत होती हैं।