शाहजहां (1627-58 ई.)

शाहजहां के बचपन का नाम खुर्रम था। उसका जन्म 1592 ई. में लाहौर में एक हिन्दू माता के गर्भ से हुआ था। वह बड़ा महत्वाकांक्षी और प्रतिभाशाली व्यक्ति था। 1612 ई. में उसका विवाह आसफ खां की पुत्री 'अर्जुमंदबानो बेगम ' (मुमताजमहल) से हुआ, परन्तु नूरजहां की पुत्री का विवाह शाहजहां शहरयार से होने के कारण नूरजहां का व्यवहार पक्षपातपूर्ण हो गया। 1622 ई. शाहजहां के विद्रोह का यही कारण था। 1627 ई. में जब जहांगीर की मृत्यु हुई तो सिंहासन पर बिठाने हेतु नूरजहां ने शहरयार का और आसफ खां ने शाहजहां का पक्ष लिया। शाहजहां उस समय दक्षिण में था तथा शीघ्र वहां नहीं पहुंच सकता था। परिणामस्वरूप आसफ खां ने अंतरिम प्रबंध के रूप में खुसरो के पुत्र दावर्बख्श को सिंहासन पर बिठाया। नूरजहां ने सार्वजनिक जीवन में अवकाश प्राप्त कर लिया तथा शहरयार को बंदी बना लिया गया। 1628ई. में शाहजहां के आगमन पर उसका राज्याभिषेक हुआ और दावरबख्श को फारस भेज दिया गया। सौभाग्यवश दावर्बख़्श अपना जीवन बचाने में सफल रहा। शाहजहां अपने सभी संबंधियों की हत्या के लिए उत्तरदाई था।

1645 ई. में नूरजहां की मृत्यु हुई।

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