प्रोकैरियोटिक कोशिका

प्रोकैरियोटिक कोशिका जीवाणु नील हरित शैवाल माइक्रो प्लाज्मा और फ्लोरो निमोनिया सम जीव में मिलती है।
प्रोकैरियोटिक कोशिका का मूलभूत संगठन आकार व कार्य में विभिन्नता के बावजूद एक सा होता है।
सभी प्रोकैरियोटिक मैं कोशिका भित्ति होती हैं जो कोशिका झिल्ली से जीडी रहती है कोशिका में साइटोप्लाज्म एक करण मैट्रिक्स के रूप में भरा रहता है उसमें कोई स्पष्ट विभेदित केंद्रक नहीं पाया जाता है अनुवांशिक पदार्थ मुख्य रूप से नगांवा केंद्रक झिल्ली द्वारा प्रतिबद्ध नहीं होता है।
कोशिका आवरण और इसके रूपांतरण अधिकांश प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं विशेषकर जीवाणु कोशिका में एक जटिल रासायनिक क्वेश्चन का आवरण मिलता है इनमें क्वेश्चन का आवरण दृढ़ता पूर्वक बंद कर तीन स्तरीय संरचना बनाते हैं जैसे बाह्य परत ग्लाइकोकेलिकस , जिसके पश्चात क्रमशः कोशिका भित्ति एवं जीव द्रव झिल्ली होती है यद्यपि आवरण कि प्रत्येक परत का कार्य दिन है परंतु यह तीनों मिलकर एक सुरक्षा इकाई बनाते हैं।
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