इस समय उच्चतम न्यायालय में 31 न्यायाधीश एक मुख्य न्यायाधीश एवं 30 अन्य न्यायाधीश है । फरवरी 2009 में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के कुल न्यायाधीशों की संख्या 26 से बढ़ाकर 31 कर दी है जिसमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल है। या वृद्धि उच्चतम न्यायालय न्यायाधीशों की संख्या संशोधन अधिनियम 2008 के अंतर्गत की गई है । मूलतः उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 8 (एवं एक मुख्य न्यायधीश और 7 अन्य न्यायाधीश ) निश्चित थी। 1956 में संसद में अन्य न्यायाधीशों की संख्या 10 निश्चित की। 1968 में 13 फिर 1977 में 17 और फिर 1986 में 25।
(न्यायाधीश)
न्यायाधीशों की नियुक्ति: उपरोक्त उपबंध में परामर्श शब्द की उच्चतम न्यायालय द्वारा विभिन्न व्याख्याएं दी गई हैं। प्रथम न्यायाधीश मामले 1982 में न्यायालय ने कहा कि परामर्श का मतलब सहमति नहीं वरन विचारों का आदान-प्रदान है। लेकिन द्वितीय न्यायाधीश मामले 1993 में न्यायालय ने अपने पूर्व में फैसले को परिवर्तित किया और कहा कि परामर्श का मतलब सहमति प्रकट करना है इस तरह या व्यवस्था दी गई कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश द्वारा दी गई सलाह राष्ट्रपति को मानना बातें होगी लेकिन मुख्य न्यायाधीश या सलाह अपने दो वरिष्ठतम सहयोगी से विचार विमर्श करने के बाद देंगे। इसी तरह तीसरे न्यायाधीश मामले 1998 मैं न्यायालय ने मत दिया के परामर्श प्रक्रिया को मुख्य न्यायाधीश द्वारा बहुसंख्यक न्यायाधीशों की विचार प्रक्रिया के तहत माना जाएगा। केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश का एक अलग ही परामर्श प्रक्रिया को पूर्ण नहीं करता उसे चार वरिष्ठतम न्यायाधीश उसे सलाह करनी चाहिए इनमें से अगर दो कीमत भी पक्ष में नहीं है तो वह नियुक्ति के लिए सिफारिश नहीं भेज सकता। न्यायालय ने व्यवस्था दी कि बिना अन्य न्यायाधीशों की सलाह के भेजी गई सिफारिश को मानने के लिए सरकार बाध्य नहीं है।
99 संविधान संशोधन अधिनियम 2014 तथा न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम 2014 ने सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए बने कॉलेजियम प्रणाली को एक नए निकाय राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग से प्रतिस्थापित कर दिया है। हालांकि वर्ष 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने 99 संविधान संशोधन अधिनियम तथा एनजीएसी अधिनियम दोनों को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। परिणामता पुराने कॉलेजियम प्रणाली पुनः कार्य हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय पर निर्णय कोर्ट जजेज कैसे 2015 में आया । न्यायालय ने विचार केंद्र आर्थिक नई प्रणाली न्यायपालिका के स्वतंत्रता को प्रभावित करेगी।