अनपरा (सोनभद्र): एक हजार मेगावाट की निर्माणाधीन अनपरा-डी परियोजना की 500 मेगावाट की पहली इकाई को शुक्रवार की देररात ¨सक्रोनाइज कर लिया गया। इस इकाई के उत्पादनरत होने से प्रदेश में व्याप्त विद्युत किल्लत से काफी राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं।
31 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा इसका लोकार्पण किया गया था। उसके उपरांत आवश्यक परीक्षण एवं अनुरक्षण कार्य हेतु बंद की गई। इस इकाई को पुन: उत्पादनरत कर लिया गया है। इस समय इस इकाई से 150 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि अभी तक तैयार 5 कोल मिलों की मदद से 300 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन किया जाएगा। 15 मई के उपरांत इसे पूरे लोड पर ले जाने की तैयारी की जाएगी। इस समय अनपरा अ व ब तापीय परियोजना की पांचों ईकाइयों से 1630 मेगावाट के सापेक्ष 1500 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। इसी क्रम में ओबरा विद्युत गृह से 511, पनकी से 60, पारीछा से 848 एवं हरदुआगंज परियोजना से 230 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। अनपरा परियोजना के बेहतर उत्पादन के चलते उत्पादन निगम का विद्युत उत्पादन 3149 मेगावाट तक पहुंच गया है। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना द्वारा भी स्थापित क्षमता 1200 मेगावाट के सापेक्ष 1205 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में विद्युत की मांग शनिवार की अपराह्न बढ़कर 15000 मेगावाट तक पहुंच गयी। उपलब्धता व मांग में भारी अंतर होने के कारण प्रदेश में 3500 मेगावाट तक की विद्युत कटौती की जा रही है।