भारत की जलवायु -3

उष्ण कटिबंधीय चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ

उष्ण कटिबंधीय चक्रवात का निर्माण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होता है। और यह प्रायद्वीपीय भारत के एक बड़े भू-भाग को प्रभावित करता है।

दक्षिणी दोलन(साउथर्न- आॅस्लिेशन)

जब कभी भी हिन्द महासागर के ऊपरी सतह का दबाब अधिक हो जाता है, तब प्रशांत महासागर के ऊपर निम्न दबाब बनता है। और जब प्रशांत महासागर के ऊपर उच्च दबाब की सृष्टि होती है तब हिन्द महासागर के ऊपर निम्न दबाब बनता है। दोनों महासागरों के इस उच्च एवं निम्न वायु दाबी अन्तः सम्बन्ध को ही दक्षिणी दोलन कहते हैं।

एल-नीनो

अल.नीनो एक मौसम की स्थिति है जिसका भारत के मानसून पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह समुद्र में होने वाली उथलपुथल है और इससे समुद्र के सतही जल का ताप सामान्य से अधिक हो जाता है। अक्सर इसकी शुरूआत दिसंबर में क्रिसमस के आस पास होती है। ये ईसा मसीह के जन्म का समय है। और शायद इसी कारण इस घटना का नाम एल.नीनो पड़ गया जो शिशु ईसा का प्रतीक है।

इसके प्रभाव के कारण भारत में कम वर्षा होती है।

ला-नीनो

ला नीना भी मानसून का रुख तय करने वाली सामुद्रिक घटना है। एल.नीनो में समुद्री सतह गर्म होती है वहीं ला.नीनो में समुद्री सतह का तापमान बहुत कम हो जाता है। यूं तो सामान्य प्रक्रिया के तहत पेरु तट का समुद्री सतह ठंडी होती है लेकिन यही घटना जब काफी देर तक रहती है तो तापमान में असामान्य रूप से गिरावट आ जाती है। इस घटना को ला.नीनो कहा जाता है।

इसके प्रभाव में भारत में वर्षा की मात्रा अच्छी रहती है।

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