1. राष्ट्रपति की रिक्ति को 6 महीने के अंदर भरना होता है.
2. जब राष्ट्रपति पद की रिक्ति पदावधि (पांच वर्ष) की समाप्ति से हुई है, तो निर्वाचन पदावधि की समाप्ति के पहले ही कर लिया जाएगा. [अनुच्छेद 61(1)] किन्तु यदि उसे पूरा करने में कोई विलंब हो जाता है तो 'राज-अंतराल' न होने पाए इसिलिए यह उपबंध है कि राष्ट्रपति अपने पद की अवधि समाप्त हों जाने पर भी तब तक पद पर बना रहेगा, जब तक उसका उत्तराधिकारी पद धारण नहीं कर लेता है, [अनुच्छेद 56(1) ग] (ऐसी दशा में उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य नहीं कर सकेगा.
(a) राष्ट्रपति के वेतन एवं भत्ते: राष्ट्रपति का मासिक वेतन डेढ़ लाख रुपया है.
(b) राष्ट्रपति का वेतन आयकर से मुक्त होता है.
(c) राष्ट्रपति को नि: शुल्क निवासस्थान व संसद द्वारा स्वीकृति अन्य भत्ते प्राप्त होतें हैं.
(d) राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके वेतन तथा भत्ते में किसी प्रकार की कमी नहीं की जा सकती है.
(e) राष्ट्रपति के लिए 9 लाख रुपये वार्षिक पेंशन निर्धारित की गई है.
राष्ट्रपति के अधिकार एवं कर्तव्य
[1] नियुक्ति संबंधी अधिकार: राष्ट्रपति निम्न की नियुक्ति करता है:
(a) भारत का प्रधानमंत्री,
(b) प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्रिपद के अन्य सदस्यों,
(c) सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों,
(d) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक,
(e) राज्यों के राज्यपाल,
(f) मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त,
(g) भारत के महान्यायवादी,
(h) राज्यों के मध्य समन्वय के लिए अंतर्राज्यीय परिषद के सदस्य,
(i) संघीय लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों,
(j) संघीय क्षेत्रों के मुख्य आयुक्तों,
(k) वित्त आयोग के सदस्यों,
(l) भाषा आयोग के सदस्यों,
(m) पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों,
(n) अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यों,
(o) भारत के राजदूतों तथा अन्य राजनयिकों,
(p) अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में रिपोर्ट देने वाले आयोग के सदस्यों आदि.
[2] विधाई शक्तियां:
राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग होता है. इसे निम्न विधायी शक्तियां प्राप्त हैं:
(1) संसद के सत्र को आहूत करने, सत्रावसान सभा भंग करने संबंधी अधिकार.
(2) संसद के एक सदन में या एक साथ सम्मिलित रूप से दोनों सदनों में अभिभाषण करने की शक्ति.
(3) लोकसभा के लिए प्रत्येक साधारण निर्वाचन के पश्चात प्रथम सत्र के प्रारंभ में और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के आरम्भ में सम्मिलित रूप से संसद में अभिभाषण करने की शक्ति.
(4) संसद दवरा पारित विधेयक राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद ही कानून बनता है.
(5) संसद में निम्न विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सहमति आवश्यक है:
(a) नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्य के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन संबंधी विधेयक
(b) धन विधेयक [अनुच्छेद 117(1)]
(c) संचित निधि में व्यय करने वाले विधेयक [अनुच्छेद 117(3)]
(d) ऐसे कराधान पर, जिसमें राज्य हित जुड़े हैं, प्रभाव डालने वाले विधेयक.
(e) राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बन्धन लगाने वाले विधेयक.
क्रमशः भाग 4.....