भारत के उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति 
1. संविधान के अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा. (कार्यकाल 5 वर्ष) 
2. संविधान में उपराष्ट्रपति से संबंधित प्रावधान अमेरिका के संविधान से ग्रहण किया गया है. 
3. भारत का उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति होता है. 
4. उपराष्ट्रपति राज्य सभा का सदस्य नहीं होता है, अत: मतदान का अधिकार नहीं है किन्तु सभापति के रूप में निर्णायक मत देने का अधिकार उसे प्राप्त है. 
5. योग्यता: कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के योग्य तभी होगा, जब वह: 
(a) भारत का नागरिक हो, 
(b) 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो, 
(c) राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित होने के योग्य हो,
(d) निर्वाचन के समय किसी प्रकार के लाभ के पद पर नहीं हो, 
(e) वह संसद के किसी सदन या राज्य के विधान मंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं हो सकता और यदि ऐसा व्यक्ति उपराष्ट्रपति निर्वाचित हो जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने उस सदन का अपना स्थान अपने पद ग्रहण की तारीख से रिक्त कर दिया है.
6. उपराष्ट्रपति को अपना पद ग्रहण करने से पूर्व राष्ट्रपति अथवा उसके द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष शपथ लेनी पड़ती है. 
7. राष्ट्रपति के पद खाली रहने पर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की हैसियत से कार्य करता है. उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने की अधिकतम अवधि 6 महीने होती है. इस दौरान राष्ट्रपति का चुनाव करा लेना अनिवार्य होता है. राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति को मिलने वाली वेतन तथा सभी सुविधाओं का उपभोग करता है।

 
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