तरंग गति

१-जब कोई वस्तु किसी माध्यम में कंपन करती है तो वह माध्यम के उन कणों को गतिमान कर देती है जो उसके समीप होते हैं। इस प्रकार माध्यम में एक विक्षोभ(disturbance) उत्पन्न हो जाता है। इसी विक्षोभ के आगे बढ़ने की प्रक्रिया" तरंग गति "कहलाती है।
२-तरंग गति में माध्यम के कण अपनी साम्य-स्थिति के दोनों और कंपन करते हैं।
३-आगे वाले कणों की गति कुछ समय बाद पीछे वाले कणों की गति के समान हो जाती है। तरंग के रूप में उड़ जाए कि स्थान से दूसरे स्थान तक संचालित होती है।जबकि माध्यम के कर अपने स्थान पर ही रहते हैं।
Posted on by