अशोक (273 से 232 ई0पू0)-3
अर्थशास्त्र मंे उच्चाधिकारियों के रूप में तीर्थ का उल्लेख मिलता है जिन्हें ‘महामात्त’ भी कहा जाता था इनकी संख्या 18 थी।
अशोक के समय प्रान्तों की संख्या 5 थी।
प्रान्तों का शासन राजवंशीय ष्कुमारष् या ष्आर्य पुत्रष् नामक पदाधिकारियांे द्वारा होता था।
स्वयं अशोक सिंहासनारूढ़ होने से पूर्व उत्तरपथ एवं अवन्ति का कुमार रह चुका था।
प्रान्तांे का विभाजन विषय में किया गया था। विषय का प्रधान विषयपति होता था।
प्रशासन की सबसे छोटी ईकाई ग्राम थी जो ग्रामणी के अधीन होती थी।
10 ग्रामों के समूह के प्रधान को गोप कहा जाता था जो कि स्थानिक नामक अधिकारी के अधीनस्थ होता था।
अशोक के समय पाँच प्रान्तों का उल्लेख
प्रान्त राजधानी
उत्तरापथ ः तक्षशिला
दक्षिणापथ ः सुवर्णगिरि
अवन्ति ः उज्जयिनी
प्राची ः पाटलिपुत्र