सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग द्वारा राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) के तहत पांडुलिपियों को सर्वसुलभ बनाने के लिये एक एप विकसित किया जा रहा है जिसके माध्यम से देश भर से एकत्रित तीन लाख पांडुलिपियां ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी होंगी।
इससे पहले Indira Gandhi National Centre for the Arts (IGNCA) ने भारत संस्कृति के विभिन्न पहलुओं जैसे संगीत, आयुर्वेद और मौखिक लोक परंपराओं पर ऑनलाइन ऑडियो और विडियो सामग्री उपलब्ध कराने की भी शुरुआत की थी।
मिशन के बारे में
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना के रूप में फरवरी 2003 में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन की स्थापना की, जिसका विशिष्ट उद्देश्य भारत की पांडुलिपियों के ज्ञान तत्व का पता लगाना, प्रलेखन करना, संरक्षण करना और प्रसार करना था।
अपने कार्यक्रम और अधिदेश में यह मिशन एक अनूठी परियोजना है तथा यह भारत की विशाल पांडुलिपि संपदा की खोज करने एवं इसे परिरक्षित करने में जुटा है।
उल्लेखनीय है कि भारत में अनुमान के तौर पर पाँच मिलियन पांडुलिपियाँ हैं जो संभवतः विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है।
देश के सभी राज्यों में विशेष रूप से अभिचिह्नित पांडुलिपि संसाधन केंद्रों और पांडुलिपि संरक्षण केंद्रों के साथ कार्य करते हुए यह मिशन विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों से लेकर विभिन्न स्थानों जैसे- मंदिरों, मठों, मदरसों, विहारों और निजी संग्रहों में रखी पांडुलिपियों के आँकड़ों के संग्रहण का कार्य करता है।