* भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366 (25 )के तहत अनुसूचित जनजातियों को परिभाषित करते हुए अनुच्छेद 342 का हवाला दिया गया है l
* अनुच्छेद 342 - राष्ट्रपति किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श कर उस राज्य के किसी जनजाति या जनजाति समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में निर्धारित कर सकता हैl
Note - भारतीय संविधान में अनुसूचित जनजाति की कहीं स्पष्ट परिभाषा नहीं हैl
जनजातियों का भौगोलिक व क्षेत्रीय वितरण
1- उत्तर तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र-
कश्मीर ,हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्य l
प्रमुख जनजातियां -
बकरवाल, गुर्जर ,थारू ,बुक्सा ,राजी ,जौनसारी, सौका ,भोटिया ,गद्दी, किन्नौरी, गारो ,खासी, जयंतिया ,नागा चकमा,चकपा आदि l
2- मध्य क्षेत्र व प्रायद्वीपीय भारत के पठारी और पहाड़ी क्षेत्र-
मध्य प्रदेश, दक्षिण राजस्थान, गुजरात, दक्षिण उत्तर प्रदेश, बिहार ,उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश l
प्रमुख जनजातियां-
भील ,गोंड ,रेड्डी ,संथाल ,डोंगरियाकोंध ,मुंडा कोरवा, बंजारा ,मीणा ,कोली आदिl
3- दक्षिणी क्षेत्र-
कर्नाटक तमिलनाडु और केरल
प्रमुख जनजातियां -
टोडा ,कोरमा, गोंड ,कडार ,इरुला आदि l
4- अंडमान निकोबार दीप क्षेत्र की जनजातियां-
प्रमुख जनजाति-
सेटिंनप्लीज ,ओग,जारवा, शैंपेन , आदि