कितना होगा फायदा
यह ध्यान रखें कि कर्ज लेने वाले ने नौ फीसदी सालाना के हिसाब से लोन लिया है. यह इसलिए घट जाता है क्योंकि ब्याज सब्सिडी की राशि कर्ज लेने वाले के एकाउंट में पहले ही डाल दी जाती है.
इसका असर घटी हुई मासिक क़िस्त और ब्याज के कम बोझ के रूप में सामने आती है.
लोन की संशोधित रकम : 3.33 लाख रुपये
ब्याज दर : 9 फीसदी
मासिक क़िस्त: 2,996 रुपये
20 सालों में चुकाया जाने वाला कुल ब्याज: 3.86 लाख रुपये
मासिक क़िस्त में बचत : 2,402 रुपये
ब्याज में कुल बचत: 3, 08,939 रुपये
कैसे मिलेगा सब्सिडी का लाभ?
होम लोन लेने वाले संस्थान से सब्सिडी के बारे में बात करें.
अगर आप योग्य हैं तो पहले सेंट्रल नोडल एजेंसी को आपका आवेदन भेजा जायेगा.
अगर मंजूरी मिल गयी तो एजेंसी सब्सिडी की रकम कर्ज देने वाले बैंक को दे देगी.
यह रकम आपके लोन अकाउंट में आ जाएगी.
अगर आपकी सालाना आमदनी सात लाख है और लोन की रकम 9 लाख, तो आपकी सब्सिडी 2.35 लाख रुपये बनेगी.
इसे घटाने के बाद आपके लोन की रकम 6.65 लाख रुपये बचेगी. आप इस रकम पर मासिक किस्त भरेंगे.
अगर लोन की रकम आपकी सब्सिडी की योग्यता से अधिक है तो अतिरिक्त रकम पर आपको सामान्य दर से ब्याज चुकाना पड़ेगा.
क्या बरतें सावधानी
*वास्तव में होम लोन पर ब्याज दर नौ फीसदी से अलग भी हो सकते हैं.
*इस समय MCLR पर आधारित होम लोन की दरें 8.5 फीसदी के करीब हैं.
*इस वजह से ब्याज दर और मासिक क़िस्त कम हो सकती हैं.
*इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्यता संबंधी मसले चेक कर लें.
*अगर आपके, पति/पत्नी या बच्चे के नाम से देश में कहीं भी कोई पक्का मकान है तो इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता.