✍️ बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और अन्य पर्सनल ला में संशोधन कर महिलाओं की विवाह की कानूनी उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष की जाएगी l
✍️ यह निर्णय समता पार्टी की पूर्व प्रमुख जया जेटली के नेतृत्व में गठित 4 सदस्य टास्क फोर्स की सिफारिश पर आधारित है l
विवाह की न्यूनतम आयु और कानूनी प्रावधान
✍️ भारत में विवाह की न्यूनतम आयु पहली बार शारदा अधिनियम 1929 द्वारा निर्धारित की गई थी
✍️ इसके बाद इसका नाम परिवर्तित कर बालविवाह प्रतिबंध अधिनियम 1929 कर दिया गया था
✍️ वर्ष 1978 में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष करने के लिए कानून में संशोधन किया गया था
✍️ यह स्थित बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 नामक नए कानून में भी बनी हुई है जिसने बालविवाह प्रतिबंध अधिनियम 1929 को प्रतिस्थापित किया
✍️ भारत में हिंदुओं के लिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित करता है
✍️ इस्लाम में युवावस्था प्राप्त कर चुकी नाबालिग की शादी भी वैध होती है
✍️ विशेष विवाह अधिनियम 1954 और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 में क्रमशः महिला और पुरुषों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और 21 वर्ष निर्धारित करते हैं l
विवाह की न्यूनतम आयु बढ़ाने के लाभ
👉 सर्वप्रथम महिला एवं बाल कल्याण को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि विवाह की कम उम्र और इसके परिणाम स्वरूप जल्दी गर्भधारण के कारण माताओं और उनके बच्चों के पोषण स्तर एवं उनके समग्र स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है l
👉 महिला सशक्तिकरण और लिंग समानुपात का होना क्योंकि बच्चे के जन्म के समय मां की उम्र उसके शैक्षिक स्तर रहन-सहन और स्वास्थ्य स्थित महिलाओं के निर्णय लेने की सख्त को प्रभावित करती है l
👉 इसके अतिरिक्त बाल विवाह की समस्या का समाधान कुछ हद तक कम हो सकता है यह कानून बाल विवाह के खतरे को रोकने में मदद करेगा l
विवाह की न्यूनतम आयु बढ़ाने के नकारात्मक तर्क
✍️ बाल विवाह रोकने वाला कानून ठीक से क्रियान्वित नहीं हो रहा है
✍️ राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण - 5 के अनुसार बाल विवाह में गिरावट आई परंतु यह मामूली है जैसे वर्ष 2015-16 में 27 % से गिरकर, वर्ष 2019-20 में 23% हो गई है l
✍️ बड़ी संख्या में विवाहों का अपराधीकरण होने का खतरा बढ़ सकता है शिक्षा की कमी एक बड़ी समस्या और भारत में बिना शिक्षा वाली 51% महिलाओं और केवल प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वालों में से 47% ने 18 वर्ष की उम्र में शादी कर ली
महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाने की वजह -
👉 महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा कुपोषण से बचने के लिए l
👉 महिलाओं के लिए ऊंची शिक्षा हासिल करने तथा उनके कैरियर बनाने के लिए अवसर को बढ़ाना
👉 कम उम्र में शादी से मां मृत्यु दर के बढ़ते खतरे को कम करना