अशोक के बारे में - ✍️ अशोक के अधिकतर अभिलेख ब्राम्ही लिपि में है किंतु इसके अतिरिक्त खरोष्ठी तथा आरमाइक लिपियों में भी अशोक के अभिलेख प्राप्त होते हैं l
✍️ कुछ अभिलेखों में अशोक का नाम देवनाम प्रियदर्शी मिलता है l
✍️ अपने राज्याभिषेक के आठवें वर्ष अर्थात 261 ईसा पूर्व में अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया l
✍️ खारवेल के हाथीगुंफा अभिलेख से कलिंग युद्ध का विवरण प्राप्त होता है l
अभिलेख और उनमें उल्लिखित आदेश -
प्रथम शिलालेख -
✍️ खर्चीले समारोह पर प्रतिबंध, पशुबली निषेध, सभी मनुष्य मेरी संतान है का उल्लेख मिलता है l
द्वितीय शिलालेख -
✍️ पड़ोसी राज्यों का उल्लेख ( शेर, चोल, पांड्य एवं ताम्रपर्णी ) l
✍️ कल्याणकारी कार्य का उल्लेख मिलता है l
तृतीय शिलालेख -
✍️ युक्त, रज्जूक , प्रदेशिक, महामात्र, आदि की नियुक्ति का उल्लेख मिलता है l
चतुर्थ शिलालेख -
✍️ धम्म का उल्लेख मिलता है l
पंचम शिलालेख -
✍️ धम्म महामात्रों की नियुक्ति का उल्लेख मिलता है l
छठा शिलालेख -
✍️ आम जनता किसी भी वक्त राजा से मिल सकता है, का उल्लेख मिलता है l
सातवां शिलालेख -
✍️ सभी संप्रदायों में Tolerance की भावना का उल्लेख मिलता है l
आठवां शिलालेख -
✍️ धम्म यात्रा आरंभ करने का उल्लेख मिलता है l
नवम शिलालेख -
✍️ धम्म समारोह का उल्लेख मिलता है l
दशम शिलालेख -
✍️ धम्म नीति सर्वश्रेष्ठ, का उल्लेख मिलता है l
11वां शिलालेख -
✍️ धम्म नीति की व्याख्या, का उल्लेख मिलता है
बारहवां शिलालेख -
✍️ धार्मिक टॉलरेंस का उल्लेख मिलता है l
13 वा शिलालेख -
✍️ कलिंग युद्ध का वर्णन l
✍️ पांच यूनानी राजा- ( एंटीयोगस ,टाल्मी , एंटीगोनस तथा एलेग्जेंडर ) का उल्लेख मिलता है l
✍️ आटविक जातियों को चुनौती, का उल्लेख मिलता है l
14वां शिलालेख -
✍️ जनता को धार्मिक जीवन जीने की प्रेरणा का, उल्लेख मिलता है l
NOTE -
👉 अशोक के सभी अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं किंतु शाहबाजगढ़ी और मानशेरा की लिप खरोष्ठी है l
👉 बराबर की पहाड़ियों में अशोक ने आजीवक संप्रदाय के लिए चार गुफाओं का निर्माण कराया था l