✍️ यह विधेयक मतदाता सूची डी - डुप्लीकेशन यानी एक से अधिक बार नामांकन की समाप्त सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा परंतु इस विधेयक में अनेक दोष भी मौजूद हैं l
विधायक की प्रमुख विशेषताएं निम्न है -
✍️ यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम ,1950 की धारा 23 में संशोधन करना होगा ताकि निर्वाचक नामावली डाटा को आधार से जोड़ा जा सके l
✍️ इस विधेयक का उद्देश विभिन्न स्थानों पर एक ही व्यक्ति के एक से अधिक नामांकन को रोकने में मदद मिलेगी l
✍️ विधेयक में पंजीकरण के लिए 'सेवा मतदाताओं की पत्नियों 'शब्दावली के स्थान पर अब "जीवन साथी" शब्द का प्रयोग होगा l
✍️ इस विधेयक में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए पूर्व की एक तिथि 1 जनवरी के बजाय चार तिथियां (जनवरी ,अप्रैल ,जुलाई और अक्टूबर माह का पहला दिन ) का प्रस्ताव रखा गया है , जिस दिन 18 वर्ष पूरा करने वाला व्यक्ति को इसके अंतर्गत शामिल किया जा सकेगा l
विधेयक का महत्व क्या है -
✍️ आधार लिंकिंग ,फर्जी वोटिंग और फर्जी मतों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है l
✍️ मतदाता पहचान के साथ-साथ आधार डाटा को जोड़ने से दूरस्थ मतदान की अनुमति मिलेगी जो प्रवासी मतदाताओं के अनुकूल होगा l
✍️ भारत में पत्नियों को "जीवनसाथी "से बदलने से कानून और अधिक लिंक तटस्थ हो सकेंगे l
विधेयक से संबंधित कुछ चिंताएं -
✍️ केंद्र सरकार स्वयं तय करेगी करेगी कि मतदाता के मतदाता सूची में बने रहने के लिए कौन से कारण / शर्त स्वीकार हैं l
✍️ उत्तरदायित्व का हस्तांतरण के लिए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्राप्त करने हेतु सरकार द्वारा शक्ति रूप से मतदाता सूची में लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित करने की जगह उत्तरदायित्व अब व्यक्तियों के ऊपर के स्थानांतरित हो गया है जो निर्वाचक नामावली में बने रहने के लिए अपने आधार को लिंक करने के मामले में असमर्थ है इच्छुक नहीं हो सकते हैं l
✍️ निजता संबंधी चिंताओं में वर्तमान में चुनावी डाटा को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपने डेटाबेस में रखा जा रखा जाता और यह अन्य सरकारी डेटाबेस से अलग होता है l
✍️ आधार और चुनाव संबंधी डेटाबेस के बीच प्रस्तावित लिंकेज का डाटा आधार और चुनाव आयोग संस्था उपलब्ध कराएगा जिससे नागरिकों की निजता का हनन हो सकता हैl
✍️ वैध मतदाताओं को आधार विवरण जमा करने की उनकी इच्छा ना होने के आधार पर मतदाता अधिकार से वंचित किया जा सकता है l
✍️ मतदाता पहचान पत्र को आधार संख्या से जोड़े जाने पर सरकार के लिए वैसे भी किसी भी मतदाता को ट्रैक करना बहुत आसान हो जाएगा जिसके आधार पर जिसने अपने आधार का उपयोग कर कल्याणकारी सब्सिडी और लाभ प्राप्त किए गए हैं l
भविष्य के संदर्भ में -
✍️ विधाई प्रक्रियाओं में सुधार करने का प्रयास किया जाए l
✍️ डी- डुप्लीकेशन को समाप्त करने वैकल्पिक तरीकों को अपनाने की आवश्यकता है l
✍️ व्यापक विधान की आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाए l
✍️ नागरिकों की निजता सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए l