वन सन , वन वर्ल्ड, वन ग्रिड : COP - 26 क्या है ?

            वन वन , वन वर्ल्ड ,वन ग्रिड
✍️ हाल ही में यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज ( UNFCCC )के द्वारा कॉन्फ्रेंस आफ पार्टीज (COP -26 ) का आयोजन ब्रिटेन के ग्लासगो में किया गया है l

✍️ भारत ने ग्लासगो में आयोजित COP-26 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की कि वह अपने पांच सूत्री कार्य योजना के हिस्से के रूप में वर्ष 2070 तक नेटजीरो का लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास करेगा l

✍️ जिसमें वर्ष 2030 तक उत्सर्जन को 50 ‰ तक कम करना भी शामिल है l

✍️ COP-26 सम्मेलन में विश्व नेताओं ने इस दशक के अंत तक वनों की कटाई को रोकने और धीमी जलवायु परिवर्तन में मदद करने के लिए मीथेन के उत्सर्जन को कम करने का संकल्प लिया है l

✍️  वर्ष 2022 को COP-27 का आयोजन मिस्र में होगा l

✍️ वहीं वर्ष 2023  के संस्करण की मेजबानी  का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) द्वारा की जाएगी l

✍️ COP-26 में भारत और ब्रिटेन द्वारा वन सन, वन वर्ल्ड ,वन ग्रिड  की एक संयुक्त घोषणा की है l

✍️ वन सन ,वन वर्ल्ड, वन ग्रिड की अवधारणा "द सन नेवर सेट्स "मतलब सूरज कभी अस्त नहीं होता के विचार पर जोर देती है l

वनसन ,वन वर्ल्ड ,वन ग्रिड पर योजना का महत्व

✍️ यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ कौशल ,प्रौद्योगिकी और वित्त का बेहतर उपयोग करने में सभी संलग्न संस्थाओं की सहायता कर सकती है l

✍️  इसके परिणाम स्वरूप प्राप्त होने वाले आर्थिक लाभों से गरीबी उन्मूलन और जल स्वच्छता भोजन एवं अन्य सामाजिक आर्थिक चुनौतियों को कम करने में मदद मिल सकती है l

✍️ भारत की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता को वर्ष 2017 तक नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 5600 गीगावाट  से अधिक की आवश्यकता को पूरा करने में सहायता मिलेगी l

✍️ सभी क्षेत्रों में कच्चे तेल की खपत को वर्ष 2050 तक चरम स्थिति पर पहुंचाने और वर्ष 2050 - 2070 के बीच 90% तक कम करने की आवश्यकता होगी l

परियोजना से संबंधित मुद्दे - 
✍️ यह परियोजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का भी खंडन करती है क्योंकि परियोजना ग्रिड अन्य देशों पर एक प्रमुख रणनीतिक इकाई , ऊर्जा आपूर्ति की निर्भरता को बढ़ाती है l
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