कैंसर के लक्षण

"कैंसर के ये लक्षण पहले से ही महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं.लेकिन कैंसर के 200 से भी ज़्यादा प्रकार हैं.और इनके कई अलग लक्षण भी हैं."
कैंसर रिसर्च यूके का ये भी कहना है कि "अगर आपको कैंसर के ये लक्षण नज़र आएँ तो आप तुरंत इसकी जाँच करवाएँ.कैंसर का पता अगर शुरुआती दौर में चल जाए तो इसके इलाज़ के सफल होने की संभावना ज़्यादा होती है." रॉयल कॉलेज ऑफ़ जेनरल प्रैक्टिशनर्स की मानद् सचिव प्रोफ़ेसर अमांदा हॉवे का कहना है कि "प्राथमिक शोध में पहले से परिचित इन लाल झंडेवाले लक्षणों के बारे में जानकारी मिलना उपयोगी है.इससे डॉक्टरों के साथ अपने रोग के लक्षण पर चर्चा करने के लिए मरीज़ो को उत्साहित किए जाने की महत्ता को बल मिलेगा."
लक्षणों को तीन समूहों में विभाजित किया जा सकता है:
स्थानीय लक्षण : असामान्य गाँठ या सूजन (अबुर्द), रक्तस्राव (खून बहना), पीड़ा और / या व्रनोदभवन (अल्सर का निर्माण). आसपास के ऊतकों में संपीड़न की वजह से पीलिया जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं (आंखों और त्वचा का पीलापन).
मेटास्टेसिस (फैलना) के लक्षण : लसिका पर्वों का आकार में बढ़ना, खाँसी और हिमोपटायसिस, हिपेटोमिगेली (यकृत का आकार में बढ़ना), अस्थि पीडा (हड्डी में दर्द), प्रभावित अस्थियों का टूटना और तंत्रीकीय  लक्षण.
यद्यपि विकसित हो चुके कर्कट में दर्द हो सकता है, अक्सर यह प्रारंभिक लक्षण नहीं होता है।
प्रणालीगत लक्षण : वजन घटना, भूख में कमी, थकान  और कैचेक्सिया (व्यर्थ होना), अत्यधिक पसीना आना  (रात को पसीना आना), रक्ताल्पता और विशिष्ट पेरानियोप्लास्टिक घटना, अर्थात विशेष परिस्थितियां जो सक्रिय कर्कट के कारण होती हैं जैसे घनास्त्रता (थ्रोम्बोसिस) या हार्मोन परिवर्तन.
उपरोक्त सूची में से प्रत्येक लक्षण कई प्रकार की स्थितियों के कारण हो सकता है (जिसकी एक सूची विभेदक निदान के रूप में दी गई है).कर्कट प्रत्येक मद के लिए एक आम या असामान्य कारण हो सकता है।
Posted on by